नई दिल्ली में होने वाला 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच कई मायनों में खास है। यह पहला अवसर है जब विस्तारित ब्रिक्स समूह के संसदीय प्रतिनिधि भारत की अध्यक्षता में एक मंच पर जुट रहे हैं। मंच में सदस्य देशों के साथ विशेष आमंत्रित साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। जन-केंद्रित विकास विषय पर होने वाली चर्चाओं में संसदों की भूमिका, विधायी सहयोग और जनता से जुड़े मुद्दों पर अनुभव साझा किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि संसदीय कूटनीति सरकारों के बीच संबंधों को जन स्तर तक ले जाने का माध्यम बनती है। भारत के लिए यह आयोजन वैश्विक मंच पर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास दृष्टिकोण को रखने का अवसर है। सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जिनसे भविष्य के सहयोग की दिशा तय होगी।
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