अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल की 11वीं कड़ी आज 24 अक्टूबर से शुरू हो रही है। दो दिवसीय यह महोत्सव द उमेद, अहमदाबाद में 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होगा, जिसमें भारत और विदेश के लेखक, कवि, फिल्मसर्जक, शिक्षाविद और सांस्कृतिक क्षेत्र के लोग एकत्र होंगे। दो दिनों तक साहित्य, सिनेमा और कहानियों के मानवीय अनुभव को गढ़ने के अनेक रूपों पर संवाद होगा।
इस वर्ष का विषय ‘साहित्य और आनंद की गूंज – वे कहानियां जो घाव भरती हैं, प्रेरणा देती हैं और आनंद को नई परिभाषा देती हैं’ रखा गया है। महोत्सव में साहित्य, सिनेमा, रचनात्मकता, हिंदी कविता, प्रादेशिक कथाओं और बदलते मीडिया जगत पर चर्चा होगी। आयोजन की घोषणा करते हुए फेस्टिवल के संस्थापक-निदेशक उमाशंकर यादव ने बताया कि इस कड़ी में श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव्स, रूस, वियतनाम, इराक और माली समेत सात देशों के वक्ता भाग लेंगे।
महोत्सव के प्रमुख सहभागियों में पद्मश्री से सम्मानित कुमारपाल देसाई, फिल्मसर्जक और पटकथा लेखक संजय छेल, फिल्मसर्जक उमेश शुक्ला, फिल्मसर्जक अभिषेक शाह, तेलुगु लेखिका पी. ललिता कुमारी और कवि अनिल चावड़ा समेत कई नामचीन हस्तियां शामिल हैं। सत्रों में वाचन, लेखन और सिनेमा के संबंध, जीवन अनुभवों को गढ़ने में पुस्तकों की भूमिका, नई पीढ़ी के लिए कथावाचन का महत्व और प्रादेशिक साहित्य व सिनेमा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।



