अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है। दोनों देश इस सप्ताह होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले एक व्यापक व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार एक नवंबर से चीनी सामानों पर लगने वाला 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क टल जाएगा।
समझौते की रूपरेखा के तहत चीन दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात पर नियंत्रण एक वर्ष के लिए स्थगित करेगा और अमेरिकी सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू करेगा। दुर्लभ मृदा तत्व इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा उपकरणों के लिए बेहद अहम हैं, इसलिए इस मोर्चे पर राहत से वैश्विक उद्योग को सांस मिलेगी। अमेरिकी किसानों के लिए सोयाबीन खरीद की बहाली भी बड़ी खबर है।
इस सकारात्मक खबर का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां एसएंडपी 500 पहली बार 6,800 के पार बंद हुआ। हालांकि अभी यह सिर्फ रूपरेखा है, अंतिम समझौते की बारीकियां शिखर सम्मेलन में तय होंगी। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक स्थिरता से भारत समेत सभी देशों के व्यापार और निवेश पर असर पड़ेगा।



