मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला शिक्षा विभाग से जुड़ा है। बेसिक, माध्यमिक और संस्कृत शिक्षा के कुल 1,70,366 शिक्षणेत्तर कर्मियों और उनके आश्रितों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसमें बेसिक शिक्षा के 1,22,304 और माध्यमिक व संस्कृत शिक्षा के 48,062 कर्मचारी शामिल हैं।
सरकार हर कर्मचारी के लिए सालाना 3,000 रुपये का प्रीमियम देगी, जिससे कुल सालाना खर्च लगभग 51.11 करोड़ रुपये होगा। कैशलेस सुविधा का मतलब है कि इलाज के समय कर्मचारी को अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अस्पताल का खर्च सीधे व्यवस्था के तहत चुकाया जाएगा। शिक्षणेत्तर कर्मचारी स्कूलों और कार्यालयों के कामकाज की रीढ़ होते हैं, लेकिन उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा पर अब तक कम ध्यान दिया गया था।
बैठक में अन्य अहम मंजूरियों में साइबर सुरक्षा ऑपरेशन सेंटर, लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ का टेक्सटाइल पार्क, प्रगति रोबोटिक्स पार्क और पशु बीमा योजना शामिल है। पशु बीमा में सरकार 85 प्रतिशत और किसान 15 प्रतिशत खर्च उठाएंगे, और प्रति गाय 50,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इन फैसलों से स्वास्थ्य, उद्योग और पशुपालन तीनों क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।



