छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी एएनटीएफ की अलग विंग बनाई जाएगी। सीआईडी और साइबर की तरह ही इस विंग का भी अलग सेटअप होगा, जिसका नेतृत्व डीजी या एडीजी रैंक के अधिकारी करेंगे। सेटअप को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और मंजूरी मिलने पर अस्थायी नियुक्तियां शुरू की जाएंगी, बाद में नियमित भर्ती भी की जाएगी।
नए सेटअप में आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी, डीएसपी, टीआई से लेकर सिपाही तक की तैनाती की जाएगी। शासन ने पिछले महीने खुफिया प्रमुख अमित कुमार को एएनटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि डीआईजी पारुल माथुर और आईपीएस आकाश शुक्ला को भी जिम्मेदारी दी गई है। पहले चरण में 25 सदस्यों की टीम बनाने की तैयारी है। एएनटीएफ का उद्देश्य ड्रग्स की तस्करी, अवैध बिक्री और सप्लाई नेटवर्क पर प्रहार करना है।
अलग टीम बनने से नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच, तस्करों की पहचान और उनके नेटवर्क तक पहुंचना आसान होगा। कार्रवाई का दायरा नेटवर्क की अंतिम कड़ी यानी नशीले पदार्थों की खेती करने वालों तक बढ़ाया जाएगा और उनकी संपत्ति कुर्क कर नीलाम करने की कार्रवाई भी की जाएगी। यह विंग स्थानीय पुलिस, आबकारी विभाग, राजस्व खुफिया निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो समेत केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर काम करेगी।



