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बैंकों की जिला परामर्शदात्री समिति और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, परियोजना निदेशक आईटीडीए ने की अध्यक्षता, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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Published on: 20-03-2025

 

जमशेदपुर (झारखंड)। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में हुई बैंकों की जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक (DLRC) आहूत की गई। परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री दीपांकर चौधरी की अध्यक्षता में आहूत बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 की तृतीय तिमाही का वित्तीय लेखा जोखा प्रस्तुत किया।

बैठक में वार्षिक जमा ऋण अनुपात में बैंकों द्वारा समकक्ष तृतीय तिमाही में 51.62% के मुकाबले 57.96% की उपलब्धि प्राप्त की गई। जबकि धन उपयोग स्थान के अनुसार पूर्वी सिंहभूम जिले का वार्षिक जमा ऋण अनुपात 73.66% हो जाता हैं, जो कि पूरे झारखंड राज्य में अव्वल हैं। परियोजना निदेशक आईटीडीए ने कहा की इससे संतुष्ट नहीं होना हैं और भी बेहतर करने की जरूरत पर बल दिया।

प्रधानमंत्री जन धन योजना के कुल 8,87,368 खातों में से 63389 शून्य राशि के थे और आधार सीडिंग प्रतिशत 89.38% रहा । सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकों को परस्पर सहयोग प्रदान करने का निदेश दिया गया। प्राथमिकता क्षेत्र में कृषि ऋण में सुधार, जमा साख में वृद्धि, मुद्रा योजना, PMEGP और PMFME योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवेदनों का शीघ्र ऋण संवितरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।

PMFME महोत्सव का आयोजन 23/03/2025 को गोपाल मैदान में किया जा रहा है जिसमें माननीय उद्योग मंत्री, झारखंड शिरकत करेंगे। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों से कहा कि वे सरकारी योजनाओं के आवेदन को शीघ्र निष्पादित करें और समाज के अंतिम छोर पर बैठे लोगों के लिए संवेदनशीलता से काम करें।

अग्रणी जिला प्रबंधक श्री संतोष कुमार ने कुछ बैंकों के प्रायोरिटी सेक्टर ऋण वितरण की कमी को स्वीकार करते हुए वार्षिक साख लक्ष्य को तर्कसंगत वितरण के आधार पर तय करने की आवश्यकता बताई । बैंकों को पंचायत स्तरीय सभी कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करने और ग्रामीण लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से करने का निर्देश दिया।

उन्होंने केसीसी ऋण धारकों योजना का लाभ का दायरा बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी किसान को इस लाभकारी योजना से वंचित रखना उचित नहीं है । केवाईसी या बैंक खाता में किसी प्रकार के सुधार को लेकर ग्राहकों को बार-बार बैंक शाखा का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इस बाबत भी निर्देशित किया गया।

परियोजना निदेशक आईटीडीए ने डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कृषि एवं संबद्ध विभाग, सहकारिता विभाग और जेएसएलपीएस की एक सामूहिक बैठक आयोजित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि यह विशेष समूह मिलकर कार्य करे तो जिले में उद्योग, कृषि, और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है जिससे लोगों को रोजगार और आमदनी के अवसर प्राप्त होंगे।

साथ ही सभी बैंकों से बैंक शाखा/ ATM इत्यादि खोलने के लिए पंचायत भवनों के उपयोग की बात कही गई। बैठक में विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक व अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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