जमशेदपुर, झारखंड। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और वीर सपूतों के योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपायुक्त राजीव रंजन ने आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक योगदान को राज्य की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को उनके अदम्य साहस और जनसेवा के संकल्प की याद दिलाई। पाईका और छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में आदिवासी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की और दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
सम्मान समारोह के दौरान खेल, साहित्य, फिल्म निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने कहा कि इन प्रतिभाओं की उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और समाज के सर्वांगीण विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के बीच ₹20 करोड़ से अधिक की परिसंपत्तियों और योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। इसमें आजीविका संवर्धन, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विकासोन्मुखी योजनाओं से जुड़े लाभ शामिल थे। जिला प्रशासन ने इसे आदिवासी समाज के सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, सांस्कृतिक कलाकार, विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।