मैसूर दशहरा 2026 का भव्य समापन विजयदशमी पर ऐतिहासिक जंबो सवारी के साथ हुआ, जिसका उद्घाटन कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किया। उन्होंने देवी चामुंडेश्वरी को पुष्पांजलि अर्पित की। इस बार हाथी प्रशांत ने पहली बार 750 किलोग्राम की स्वर्ण अंबारी उठाई, जो इस वर्ष के उत्सव का सबसे खास आकर्षण रहा। सदियों पुरानी परंपरा वाली जंबो सवारी को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक मैसूर पहुंचे। शाही ठाठ-बाट, सजे हुए हाथी, लोक कलाकारों की टोलियां और झांकियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। मैसूर दशहरा कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है, जिसकी शुरुआत वाडियार राजघराने की परंपरा से जुड़ी है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। समापन के साथ ही अगले साल के उत्सव की तैयारियों की चर्चा भी शुरू हो गई है और पर्यटन विभाग को इससे बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है।
मैसूर दशहरा, जंबो सवारी में हाथी प्रशांत ने पहली बार स्वर्ण अंबारी उठाई

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