ग्रामीण विकास योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषी ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट : केशव प्रसाद मौर्य
अमरेंद्र कुशवाहा की रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्ता मानकों का पालन न करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट किया जाए।
शनिवार को 7, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि ग्राम्य विकास विभाग की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव और अनियमितता के पहुंचे। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को निर्देश दिए कि 15 अगस्त से पहले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा दो करोड़ तिरंगों का निर्माण हर हाल में पूरा कराया जाए, ताकि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाया जा सके। साथ ही बीसी सखियों को वीबीजी-राम-जी योजना से प्रभावी रूप से जोड़ने और ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
उपमुख्यमंत्री ने सभी विकास खंडों में कम से कम तीन अकाउंटेंट उपलब्ध कराने, सभी ऑडिट समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा वित्तीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 के बाद यदि कोई अधिकारी मैनुअल तरीके से धनराशि का आवंटन या वितरण करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पीएम गति शक्ति पोर्टल के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के व्यापक विपणन, सीएलएफ धन वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण तथा टीएचआर प्लांट की स्थापना की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान को प्रतिमाह एक लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय करते हुए माहवार रोस्टर तैयार करने और सभी प्रशिक्षण केंद्रों में स्वच्छ हॉस्टल, पर्याप्त प्रकाश, शुद्ध हवा तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए सभी सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं तथा लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्राम्य विकास योजनाओं को पारदर्शिता, तकनीक, जवाबदेही और सुशासन के साथ लागू किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, संवेदनशीलता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।