Latest News
0xcacc82200x7de45f600xed0da3460x05ef009fगरीब व दुखियों की मशीहा शायरबानो ने की ग्राम सभा कूरा में कंबल वितरणगाजीपुर।Sir जिले में कटे 4 लाख 8 हजार 689 मतदाताओं का नाम-डी एमगाजीपुर: SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक कर सकते है दावें और आपत्ति- डीएम  खानपुर। महाशिवरात्रि पर बिछुड़ननाथ महादेव धाम में होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का महारुद्र जलाभिषेक, कई जिलों से जुटेंगे श्रद्धालुदुल्लहपुर। टॉफी दिलाने के बहाने 5 साल की बेटी को 3 दिनों तक दुष्कर्म करने वाला दुष्कर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तारखानपुर। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गोरखा जाकर स्व. देवव्रत चौबे को दी श्रद्धांजलि, पुरानी यादों को किया ताजासैदपुर। प्रधानपति संग दुर्व्यवहार व धमकी मामले में कोतवाली पहुंचे सैदपुर व सादात के दर्जनों ग्राम प्रधान,मुकदमा दर्ज कराने की मांगमकर-संक्रांति की समस्त पगही ग्रामवासियो को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंसालों बाद उखड़ी सड़क पर इंटरलांकिंग व नाली निर्माण कार्य होने पर जनता ने ली चैन की सांस0xe3790bd90x7913ad64

.. तो आखिर कहां से आई करोड़ों की नगदी

Published on: 18-12-2024

-बीस दिन बाद भी खुलासा नही कर पाई जांच एजेंसियां : आयकर विभाग का दावा लखनऊ की एजेंसी कर रही जांच : एक मेडिकल स्टोर के अंदर गत्ते में नोट भरे जाने का मामला

रायबरेली। शहर के एक चर्चित नर्सिंग-होम के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर में गत्ते में भरे जा रहे करोड़ों रुपए की नगदी का मामला ठंडा पड़ता जा रहा है वायरल वीडियो के बाद जाच एजेंसियों ने दावा किया था कि वह जल्द जांच पड़ताल के तहत मामले से पर्दा उठाएंगे लेकिन लगभग बीस दिन बीत रहे हैं जांच एजेंसियां किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।

हालांकि वीडियो वायरल होने व खबर प्रकाशित के बाद मेडिकल संचालक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वायरल वीडियो को पुराना बताते हुए इतनी बड़ी रकम को वैध करार दिया था और यह भी कहा कि उनके पास आधा दर्जन ऐजेंसियां हैं लेनदेन होता रहता है। यही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया था कि यह वीडियो बैक की है वह अपने रुपए रिकवरी करवा रहे थे।

अब वीडियो कहा कि है यह जांच का विषय है लेकिन इस पूरे मामले में मेडिकल संचालक ने एक टीवी चैनल के पत्रकार को टारगेट बनाते हुए आरोप लगाया था कि उपरोक्त पत्रकार ने उनसे दो लाख रुपए की मांग की थी लेकिन जांच के दौरान वह पुलिस को कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे सके नतीजा पुलिस जांच में पत्रकार को क्लीन चिट मिली। ‌

लेकिन इस बड़ी घटना और करोड़ों की नगदी वायरल को लेकर अभी ना तो संबंधित विभाग ना ही पुलिस के आला अधिकारी खुलासा कर सके हैं। अधिकारी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। रायबरेली आयकर विभाग का कहना है कि जांच कई प्रकार की होती हैं इस मामले की जांच लखनऊ की टीम एजेंसी कर रही है। ‌

इस मामले में भले पत्रकार को क्लीन चिट मिल गई हो लेकिन सवाल आज भी बरकार है कि आखिर इतनी बड़ी रकम एक मेडिकल स्टोर पर कैसे पहुंची रुपए वैध है या अवैध है अगर मेडिकल संचालक का बयान भी मान लिया जाए जो उन्होंने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया था कि वह बैंक से रुपए रिकवरी करवा रहे हैं।

तब भी सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर वह कौन सी ऐसी बैंक है जो खजाने के पास उपभोक्ताओं को बैठाकर रुपए गत्ते में भरवाई होगी। यह तमाम सवाल जांच एजेंसियों के लिए हैं लेकिन अभी जांच एजेंसियों के काबिल अधिकारी एक कदम नहीं बढ़ पाए हैं।

सही जांच हुई तो बेनकाब हो सकते हैं कुछ सफेद पोस : सूत्र

रायबरेली। गत्ते में भरे जा रहे करोड़ों की जांच अगर निष्पक्ष रूप से हुई तो कुछ सफेद पोस लोग बेनकाब हो सकते हैं सूत्र बताते हैं कि यह बड़ी रकम किसी सफेद पोस की है जो मेडिकल स्टोर की आड़ में काला धन को सफेद करने की कोशिश की जा रही थी।

हालांकि इसकी पुष्टि हम नहीं करते है यह तो जांच एजेंसियां तय करेगी लेकिन घटना के कई दिन बीतने के बावजूद भी जांच एजेंसियां किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है जो कहीं ना कहीं सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पत्रकार पर लगे आरोप व मेडिकल स्टोर संचालक दोनों तरफ से एसपी को तहरीर दी गई है जिसकी जांच सीओं सिटी अमित सिंह कर रहे हैं।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel