तहज़ीब, समाज और इंसानी तजुर्बात की पुरअसर तस्वीर है – फ़िराक़ गोरखपुरी
उर्दू अदब की दुनिया में अगर कुछ नाम अमर हैं, तो उनमें फ़िराक़ गोरखपुरी का नाम तामीर-ओ-तहज़ीब, हुस्न-ओ-इश्क़ और इंसानियत के जज़्बात का सबसे बुलंद नाम है। उनकी शायरी महज़ इश्क़ की दास्तान नहीं, बल्कि उस दौर की तहज़ीब, समाज और इंसानी तजुर्बात की पुरअसर तस्वीर है। फ़िराक़ ने उर्दू शायरी को ग़ज़ल, नज़्म और रुबाई की शक्ल में नई …