दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त से, जनहित के मुद्दों पर होगी चर्चा; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र शुक्रवार, 7 अगस्त से शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि सत्र की बैठकें 7, 10 और 11 अगस्त को आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक बैठक उस दिन का निर्धारित कार्य पूरा होने तक चलेगी। जरूरत पड़ने पर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि उपराज्यपाल टी.एस. संधू के आदेश के बाद 31 जुलाई को सत्र बुलाने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
नेवा पोर्टल के जरिए जमा होंगे नोटिस
उन्होंने बताया कि विधानसभा के नियमों के अनुसार सभी आवश्यक नोटिस नेवा (NEVA) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा किए जाएंगे। सदस्यों को नोटिस शाखा और नेवा सेवा केंद्र से आवश्यक तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
स्पीकर ने कहा कि नियम 280 के तहत विशेष मामले उठाने के इच्छुक सदस्य संबंधित बैठक से पहले वाले कार्य दिवस की शाम 5 बजे तक अपने नोटिस जमा कर सकते हैं।
जनहित के मुद्दों पर होगी सार्थक चर्चा
विजेंद्र गुप्ता ने सभी विधायकों से निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सत्र जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा का प्रभावी मंच साबित होगा और दिल्लीवासियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श होगा।
उन्होंने कहा कि जानकारीपूर्ण बहस, विधायी प्रक्रिया का पालन और जिम्मेदार संचालन लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक है।
विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्पीकर ने बताया कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं तथा एक्सेस कंट्रोल प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले ही तैनात कर दी गई है।
संशोधित सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानसभा परिसर में प्रवेश केवल गेट नंबर-1 से नियंत्रित किया जाएगा, जबकि अन्य प्रवेश द्वारों पर आवश्यक प्रतिबंध लागू रहेंगे।
निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था भी मजबूत
स्पीकर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत खुफिया निगरानी, सीसीटीवी और संचार नेटवर्क, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा चिकित्सा, अग्निशमन और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को भी और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।