स्किल इंडिया मिशन से युवाओं को नई उड़ान, 24.38 लाख को मिला रोजगार; AI, रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी पर सरकार का विशेष फोकस
नई दिल्ली। केंद्र सरकार का कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय देशभर के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन के तहत बड़े स्तर पर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी विशेष कौशल विकसित करने पर जोर दे रही है।
योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश
कौशल विकास मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत पिछले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये जारी किए गए। वहीं जन शिक्षण संस्थान (JSS) और राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) के लिए भी लगातार बजट उपलब्ध कराया गया है, जिससे देशभर में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार हुआ है।
PMKVY से 24.38 लाख युवाओं को मिला रोजगार
वित्त वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के विभिन्न चरणों के तहत 1.11 करोड़ से अधिक उम्मीदवार प्रमाणित हुए। इनमें से 24.38 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। वर्तमान में PMKVY 4.0 के माध्यम से युवाओं को उनकी रुचि और उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के बाद बढ़ा रोजगार और आय
स्वतंत्र तृतीय-पक्ष मूल्यांकन के अनुसार PMKVY 4.0 के तहत प्रशिक्षण के बाद रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। प्रशिक्षण से पहले रोजगार या स्वरोजगार में लगे उम्मीदवारों की संख्या 26.6 प्रतिशत थी, जो प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने अपनी आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की।
JSS में महिलाओं की मजबूत भागीदारी
जन शिक्षण संस्थान (JSS) के तहत 33.94 लाख लोगों ने नामांकन कराया, जिनमें से लगभग 32 लाख प्रशिक्षित और 31.52 लाख प्रमाणित हुए। उल्लेखनीय बात यह रही कि कुल लाभार्थियों में 82 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि 73 प्रतिशत प्रतिभागी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग जैसे वंचित समुदायों से जुड़े थे।
NAPS के तहत 34.69 लाख प्रशिक्षुओं को मिला अवसर
राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) के अंतर्गत 34.69 लाख प्रशिक्षुओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 75 प्रतिशत है। योजना में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता भी बढ़ी है।
AI, रोबोटिक्स और नई तकनीकों पर विशेष जोर
सरकार ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल IoT, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण शुरू किया है। इसके लिए आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को और अमेजन वेब सर्विसेज जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की गई है।
स्किल इंडिया डिजिटल हब बना एकीकृत मंच
मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार, उद्यमिता और आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों तक एक ही प्लेटफॉर्म पर पहुंच उपलब्ध करा रहा है। यहां AI और मशीन लर्निंग से जुड़े शुरुआती से लेकर उन्नत स्तर तक के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
स्कूली छात्रों तक पहुंचेगी AI शिक्षा
सरकार ने ‘स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (SOAR)’ पहल भी शुरू की है। इसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शिक्षकों को भी AI आधारित प्रशिक्षण देना है।
योजनाओं की डिजिटल निगरानी
कौशल विकास योजनाओं की निगरानी स्किल इंडिया डिजिटल हब, आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति, वर्चुअल सत्यापन, आकस्मिक निरीक्षण और परिणाम आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।