DEOGHAR : फर्जी GST अधिकारी बनकर 40.50 लाख की लूट का खुलासा, देवघर पुलिस ने अंतरराज्यीय छापामारी गिरोह के 5 आरोपियों को दबोचा

देवघर, झारखंड। फर्जी GST अधिकारी बनकर स्कॉर्पियो वाहन को रोककर व्यवसायी से 40 लाख 50 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और लैपटॉप लूटने के मामले में देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं और घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक, 08 अगस्त 2026 को वादी विक्रम चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि चांदन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधकर्मियों ने स्कॉर्पियो वाहन को रोककर स्वयं को GST अधिकारी बताया। इसके बाद फर्जी GST पदाधिकारी बनकर वादी एवं उसके साथ मौजूद कर्मचारी को वाहन में बैठाया गया और उनके पास से 40,50,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन तथा लैपटॉप जबरन ले लिए गए। इस संबंध में जसीडीह थाना कांड संख्या 269/2026 दर्ज कर BNS की संबंधित धाराओं के तहत अनुसंधान शुरू किया गया।

देवघर एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, देवघर के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। तकनीकी एवं अन्य अनुसंधान के आधार पर टीम ने बिहार के विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में कुमार पोद्दार (34 वर्ष), संजय कुमार सिंह (55 वर्ष), शिव शंकर कुमार (28 वर्ष), घनश्याम यादव (47 वर्ष) और विनोद प्रसाद यादव (38 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी बिहार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।

लूट की रकम और सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर JH01BP-4780, एक मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे, लाल रंग का पुलिस लिखा बोर्ड सहित अन्य सामान बरामद किया है।

कुमार पोद्दार की निशानदेही पर 500×840 नोट कट के 4,20,000 रुपये तथा 200×50 नोट कट के 10,000 रुपये समेत कुल 4,30,000 रुपये और क्षतिग्रस्त अवस्था में वादी का DELL कंपनी का लैपटॉप बरामद किया गया।

वहीं, शिव शंकर कुमार की निशानदेही पर एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसमें घटनास्थल से आगे आने-जाने वाले रास्ते का मैप उपलब्ध था।

पुलिस के रूप में पहचान बनाने के लिए इस्तेमाल करते थे सामान

जांच में सामने आए सामान से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने खुद को पुलिस/सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करने के लिए पुलिस डंडे और पुलिस लिखा बोर्ड जैसे सामान का इस्तेमाल किया। इसी तरीके से फर्जी GST अधिकारी बनकर वाहन को रोकने और लूट की वारदात को अंजाम देने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपियों का रहा है आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। कुमार पोद्दार के खिलाफ दुमका थाना में वर्ष 2012 का मामला दर्ज है। इसके अलावा हंसडीहा थाना में वर्ष 2023 का मामला तथा देवघर नगर थाना में वर्ष 2025 का मामला भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव के विरुद्ध भी पूर्व में मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड एवं घटना में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों, घटना की पूरी साजिश और लूट की शेष रकम की बरामदगी को लेकर भी जांच आगे बढ़ा रही है।