नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत केंद्र सरकार ने बारह राज्यों के लिए 10,021 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन को मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से दी गई इस स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों के निर्माण की गति और तेज होने की उम्मीद है। योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो लंबे समय से अपने स्थायी आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि आवास केवल चारदीवारी नहीं होता, बल्कि यह परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की बुनियाद होता है। ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को किस्तों के माध्यम से सहायता दी जाती है और निर्माण की प्रगति की निगरानी भी की जाती है, ताकि धन का उपयोग सही ढंग से हो सके। विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी राशि की एक साथ मंजूरी से राज्यों को योजना बनाने और लंबित मामलों को निपटाने में सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर मजदूरों, कारीगरों और निर्माण सामग्री से जुड़े छोटे कारोबारियों को भी काम मिलेगा। आने वाले दिनों में राज्यों की ओर से लाभार्थियों की सूची और निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।