पटना। बिहार में अब मरीज़ और उनके परिजन खुद तय कर सकेंगे कि इलाज के लिए सरकारी एंबुलेंस बुलानी है या निजी। स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था के तहत मरीज़ों को दोनों विकल्प दिए जाएंगे, ताकि ज़रूरत और सुविधा के हिसाब से वे बेहतर सेवा चुन सकें।
नई व्यवस्था में एंबुलेंस का किराया पहले से तय किया जाएगा। अक्सर शिकायत रहती थी कि निजी एंबुलेंस संचालक आपात स्थिति का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलते हैं। किराया तय होने से यह मनमानी रुकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। मरीज़ को बुकिंग के समय ही पता होगा कि उसे कितना भुगतान करना है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसका मकसद आपात स्वास्थ्य सेवा को आसान और भरोसेमंद बनाना है। सरकारी एंबुलेंस सेवा के साथ निजी विकल्प जुड़ने से उपलब्धता बढ़ेगी और मरीज़ों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। ग्रामीण इलाकों के मरीज़ों को इसका खास लाभ मिलने की उम्मीद है।

