रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए उन्नत निम्न स्तरीय हल्के वजन वाले रडार (एलएलएलआर-आई) खरीदने का 770 करोड़ रुपये का करार भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी बीईएल के साथ किया है। यह करार नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुआ। ये रडार कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को पहचानने और उन पर नजर रखने में सेना की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करेंगे। स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह प्रणाली विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते युद्ध स्वरूप में ड्रोन और छोटे हवाई खतरों के दौर में ऐसे रडारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बीईएल जैसे सार्वजनिक उपक्रमों को मिलने वाले बड़े ऑर्डर से घरेलू रक्षा उद्योग, छोटे आपूर्तिकर्ताओं और रोजगार को भी बल मिलेगा। सेना की वायु रक्षा इकाइयों को आधुनिक बनाने की यह प्रक्रिया आने वाले वर्षों में और तेज होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय का बीईएल से 770 करोड़ रडार करार

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