नई दिल्ली के भरत मंडपम में सातवां एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन शुरू हो गया है, जिसमें एक ही खेत से फसल और सौर बिजली दोनों पाने की तकनीक पर दुनिया भर के विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। एग्रीवोल्टाइक्स में खेतों में ऊंचाई पर सौर पैनल लगाए जाते हैं, जिनके नीचे खेती जारी रहती है। इससे किसानों को फसल के साथ बिजली से अतिरिक्त आय का रास्ता खुलता है और जमीन का दोहरा उपयोग संभव होता है। केंद्र सरकार कृषि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन पर भी विचार कर रही है। सम्मेलन में नीति निर्माता, शोधकर्ता और उद्योग प्रतिनिधि तकनीक की लागत, फसलों पर छाया के असर और ग्रिड से जोड़ने जैसे व्यावहारिक सवालों पर मंथन कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ती ऊर्जा मांग के दौर में यह मॉडल किसानों की आय दोगुनी करने और स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाने, दोनों लक्ष्यों को साथ साध सकता है। भारत के लिए यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है क्योंकि यहां खेती योग्य भूमि पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
भरत मंडपम में एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन शुरू हुआ

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