देश के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों यानी कोर सेक्टर का उत्पादन सितंबर 2026 में 7.9 प्रतिशत बढ़ा है। कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे ये उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का बड़ा हिस्सा तय करते हैं, इसलिए इनकी रफ्तार को अर्थव्यवस्था की सेहत का शुरुआती संकेत माना जाता है। कोर सेक्टर की मजबूत वृद्धि से संकेत मिलता है कि बुनियादी ढांचा निर्माण, ऊर्जा मांग और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकारी पूंजीगत खर्च और त्योहारी मौसम की मांग ने भी उत्पादन को सहारा दिया होगा। हालांकि कच्चे तेल जैसे कुछ क्षेत्रों में आयात निर्भरता अब भी चुनौती बनी हुई है। आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े इस रफ्तार की पुष्टि करेंगे। निवेशकों और उद्योग जगत की नजर अब इस पर है कि यह मजबूती त्योहारी तिमाही के बाद भी कायम रहती है या नहीं।
सितंबर में कोर सेक्टर उत्पादन 7.9 प्रतिशत बढ़ा

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