विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अजरबैजान की राजधानी बाकू में राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की और विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा के मुद्दों पर बातचीत की। जयशंकर ने कहा कि भारत और अजरबैजान स्वतंत्र सोच वाले राष्ट्र हैं, जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने फैसले खुद लेते हैं।
इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग, व्यापारिक आदान-प्रदान और निवेश के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने माना कि वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के बीच स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति का महत्व और बढ़ गया है।
जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत अपने पड़ोसी और मध्य एशिया के देशों के साथ संबंधों को नई गति दे रहा है। अजरबैजान के साथ भारत का सहयोग ऊर्जा सुरक्षा और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस बातचीत से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलेगी। आने वाले समय में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान और ऊर्जा परियोजनाओं पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। दोनों देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाए रखेंगे।



