गुजरात के वडोदरा में एक व्यक्ति से क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर 92.48 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित जसमीन नाम के 34 वर्षीय व्यक्ति से एक महिला से दोस्ती के बाद इस योजना में निवेश करने के लिए कहा गया। भरोसा दिलाने के बाद उसे ऊंचे मुनाफे का लालच दिया गया और धीरे-धीरे बड़ी रकम जमा कराई गई। जब रकम वापस नहीं मिली, तब ठगी का पता चला।
साइबर ठगी के ऐसे मामलों में ठग अक्सर पहले भरोसा बनाते हैं और फिर निवेश के नाम पर पैसे मांगते हैं। वे नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित को और निवेश के लिए उकसाते हैं। शुरुआत में छोटा मुनाफा दिखाकर भरोसा मजबूत किया जाता है, लेकिन बड़ी रकम जमा होने के बाद संपर्क टूट जाता है या निकासी रोक दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही तरीका इस मामले में भी अपनाया गया होगा।
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनजान लोगों के कहने पर किसी भी निवेश योजना में पैसा न लगाएं। क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम भरे निवेश में ऊंचे मुनाफे का दावा अक्सर ठगी का संकेत होता है। निवेश से पहले योजना और कंपनी की जांच करना जरूरी है।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस को शिकायत देनी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच में पैसे के लेन-देन का पूरा रास्ता खंगाला जाएगा, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।



