उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में तैनात हजारों शिक्षकों ने शनिवार को देहरादून में महाआक्रोश रैली निकाली। अपनी नौ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर से आए शिक्षक परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। न्यू कैंट रोड पर पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रावधानों को वापस लेना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना और शिक्षकों से शिक्षण के अलावा गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराना शामिल है। इसके अलावा गोल्डन कार्ड से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने, हिमालयी राज्यों की तर्ज पर शिक्षा मित्रों को नियमित करने और पूरे सेवाकाल में एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग भी उठाई गई।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि कई दौर की वार्ता के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है, जिससे शिक्षक समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रैली के कारण देहरादून के मुख्य मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और दिल्ली में भी धरना-प्रदर्शन होगा।



