नई दिल्ली। भारत के कुल निर्यात ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में मजबूत रफ्तार पकड़ी है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से सितंबर 2026-27 के दौरान वस्तु और सेवा निर्यात का कुल अनुमानित मूल्य 476.20 अरब डॉलर रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 418.31 अरब डॉलर था। इस तरह निर्यात में करीब 13.84 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजारों की चुनौतियों के बावजूद भारतीय उत्पादों और सेवाओं की मांग बनी रहना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। सेवा क्षेत्र, विशेषकर सूचना प्रौद्योगिकी और पेशेवर सेवाओं के साथ-साथ इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों ने निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। निर्यात बढ़ने से विदेशी मुद्रा भंडार, रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलती है। सरकार नए बाजारों तक भारतीय निर्यातकों की पहुंच बढ़ाने और व्यापार समझौतों के जरिए निर्यात को और गति देने पर जोर दे रही है। आने वाले महीनों में त्योहारी मांग और वैश्विक हालात निर्यात की दिशा तय करेंगे।