नई दिल्ली। बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक चलने वाला व्यापक ‘विंटर एक्शन प्लान’ तैयार किया है। इस योजना के तहत ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति लागू की जाएगी, यानी बिना प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
योजना के अनुसार, दूसरे राज्यों से आने वाले गैर-बीएस6 वाहनों पर पाबंदी लगाई जा सकती है। प्रदूषण के चरम स्तर पर पहुंचने की स्थिति में 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम का आदेश देने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार ने 40 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स को ठीक करने के लिए 104 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
दूसरी ओर, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नगर निगम को 31 अक्टूबर तक सड़कों और फुटपाथों से धूल, मलबे और कचरे को साफ करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। पटाखों पर प्रतिबंध 8 नवंबर तक जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में प्रदूषण हर साल विकराल रूप लेता है। ऐसे में यह कार्ययोजना कितनी कारगर साबित होती है, यह इसके जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।



