देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने बुधवार को शेयर बाजारों को सूचित किया कि उसके कुछ ग्राहक डेटा के डार्क वेब पर उजागर होने की घटना सामने आई है। बैंक को अपने खतरा-खुफिया सेवा प्रदाता, रक्षा साइबर एजेंसी और सर्ट-इन से इस संदिग्ध खुलासे को लेकर सूचनाएं मिली थीं, जिसके पांच दिन बाद बैंक ने यह जानकारी सार्वजनिक की। शुरुआती खबरों में करीब 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, हालांकि बैंक की ओर से जांच जारी है। बैंक ने ग्राहकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी जानकारी साझा न करने की अपील जैसी सावधानियां बरतने को कहा है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद फिशिंग और धोखाधड़ी के प्रयास बढ़ जाते हैं, इसलिए ग्राहकों को अपने खाते के लेनदेन पर नियमित नजर रखनी चाहिए और असामान्य गतिविधि दिखते ही बैंक को सूचित करना चाहिए।
एसबीआई ग्राहक डेटा डार्क वेब पर उजागर हुआ

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