प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस की मनमानी और अवैध हिरासत के मामले में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने किसी व्यक्ति को बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में रखने को गंभीर मामला बताया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पुलिस को कानून की सीमाओं में रहकर ही काम करना चाहिए और किसी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पीड़ित पक्ष की ओर से रखे गए तथ्यों पर अदालत ने प्रशासन से जवाब भी मांगा। मानवाधिकार संगठनों ने अदालत की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी सख्ती से पुलिस व्यवस्था में सुधार आएगा। विशेषज्ञों के अनुसार अवैध हिरासत के मामले संविधान के अनुच्छेदों की भावना के खिलाफ हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अदालत के इस रुख के बाद प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय होने की उम्मीद बढ़ गई है। सरकार की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई और रिपोर्ट पेश करने की तैयारी की जा रही है। यह मामला आने वाले दिनों में पुलिस सुधारों की बहस को और तेज कर सकता है।