शिमला। शिमला जिले में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक जिले में दर्ज 211 सड़क हादसों में 90 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 50 लोगों ने ग्रामीण सड़कों पर हुए हादसों में जान गंवाई। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के 84 मामले भी सामने आए हैं।
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बताया गया कि हादसों में 70 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 227 लोगों को मामूली चोटें आईं। नशे में वाहन चलाने के सात मामले भी दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार सुबह नौ से दोपहर 12 बजे के बीच 45 और रात नौ बजे से मध्यरात्रि तक 48 हादसे दर्ज किए गए।
सड़क की श्रेणी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर 95 दुर्घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई, राज्य राजमार्गों पर 23 हादसों में नौ लोगों की जान गई, जबकि ग्रामीण सड़कों पर 53 दुर्घटनाओं में 50 लोगों की मौत हुई। ग्रामीण सड़कों पर मौतों की संख्या राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से कहीं अधिक है। सड़क सुरक्षा अभियान जनवरी तक चलाने का निर्णय लिया गया।



