JAMSHEDPUR : कृषि योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, बीज वितरण एक सप्ताह में पूरा करें : उपायुक्त

खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, केसीसी स्वीकृति में तेजी और महिला समूहों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर

जमशेदपुर, झारखंड। जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने और विभागीय कार्यों में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बीज वितरण की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने, खाद की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने और उर्वरक स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो तथा वितरण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

उपायुक्त ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाने और सभी उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृषक मित्रों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने को कहा।

पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पशुधन विकास और मत्स्य पालन से जुड़े लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने उन्हें लेयर फार्मिंग और बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती मिलेगी।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों और ग्रामीण परिवारों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।