मुंबई। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर हुई 1.30 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। विभाग ने ठगी गई रकम का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा फ्रीज कर दिया है।
मामला 68 वर्षीय एक व्यक्ति से जुड़ा है। उन्हें शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर झांसे में लिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करा दी गई। शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंकिंग लेनदेन और धन के प्रवाह की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी के 30 लाख रुपये दो बैंक खातों में पहुंचे थे, जिनका इस्तेमाल रकम को आगे भेजने के लिए किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 41 वर्षीय श्वेता विकल गुप्ता और 46 वर्षीय योगेश विवेकानंद देसाई के रूप में हुई है। इन पर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे भेजने में होने देने का आरोप है। जांच में इनके खाते दिल्ली, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी और त्रिपुरा में दर्ज नौ अन्य साइबर अपराध मामलों से भी जुड़े पाए गए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता दूसरों को इस्तेमाल न करने दें, वरना उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।



