RANCHI : झारखंड में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
रांची, झारखंड। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिजली विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बिजली हर नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है और राज्य के लोगों को चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिजली व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइनों, पावर सब स्टेशनों, ट्रांसफॉर्मरों, स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट मीटर जैसी आधारभूत संरचनाओं की स्थापना में तेजी लाई जाए। उन्होंने विभाग को अगले 10 से 15 वर्षों की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में रिक्त पड़े जेई, एई और अन्य आवश्यक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने को कहा। साथ ही राज्य में जलाशयों और अन्य संभावित स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) की संभावनाओं का आकलन करने के लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (फीजिबिलिटी स्टडी) कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
उन्होंने राज्य में सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की गति बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएमईजीपी योजना के साथ पावर जनरेशन की संभावनाओं को जोड़कर व्यापक योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने मानकों के अनुरूप नए ग्रिड और पावर सब स्टेशनों की स्थापना की योजना तैयार करने तथा ट्रांसमिशन लाइनों में मोनोपोल तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता कम होगी और परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगमों के साथ समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत स्ट्रीट लाइट संचालन सुनिश्चित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर खराब होने की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें ठीक करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब रहने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से आवश्यक सुधारों का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीकी सुधार और पारदर्शिता लाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान इन बिंदुओं के अलावा भी बिजली व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।