नशे को हराकर बाहर आने वाला युवा असली योद्धा, समाज उसे दूसरा अवसर दे: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर देशभर से जुड़े युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के युवाओं का तन और मन से स्वस्थ, आत्मविश्वास से भरपूर और नशे जैसी घातक आदतों से दूर रहना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे के खतरों को समझने, जागरूक रहने और समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
काशी से शुरू हुआ अभियान अब राष्ट्रीय आंदोलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी का सांसद होने के नाते उन्हें खुशी है कि इस अभियान का पायलट प्रोजेक्ट पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इस अभियान में वैज्ञानिक स्पष्टता के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा, संतों का आशीर्वाद और भारत की महान सांस्कृतिक विरासत भी जुड़ी है। देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन, सामाजिक संगठन और एनजीओ इस दिशा में संकल्प लेकर साथ आए हैं। ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए रोडमैप तैयार किया गया और अब काशी से निकला यह कल्याणकारी विचार राष्ट्रीय परियोजना बन गया है।
सामूहिकता से मिलती है नई ऊर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि व्यक्तिगत प्रयास में कई बार व्यक्ति निराश और थका हुआ महसूस कर सकता है, लेकिन जब कोई प्रयास सामूहिक अभियान बन जाता है और करोड़ों लोग कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते हैं, तो नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक ताकत अब हर युवा मन को छूने वाली है। लाखों युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली है और अपने जीवन, स्कूल, कॉलेज तथा समाज को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया है।
100 रविवार होंगे नशा मुक्त भारत की दिशा में मजबूत कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लिया गया संकल्प अगले 100 सप्ताह तक लगातार आगे बढ़ेगा। हर रविवार कला, संस्कृति, खेल, मेडिटेशन, आध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी और नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे।
एक करोड़ से अधिक युवा अभियान से जुड़े
पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि हजारों स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लाखों विद्यार्थी ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। माई भारत के वॉलंटियर्स और एनएसएस के युवा भी इसमें शामिल हुए हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों और संस्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवा इस अभियान का हिस्सा बने हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस बड़े आंदोलन के लीडर हैं और उन्होंने यह विश्वास मजबूत किया है कि भारत का युवा जागरूक, समझदार और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर है।
2047 तक विकसित भारत को शिखर पर पहुंचाएगी अमृत पीढ़ी
उन्होंने युवाओं को भारत की अमृत पीढ़ी बताते हुए कहा कि अगले 20-25 वर्षों में वे अपने जीवन को दिशा देंगे और 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि देश को युवाओं की ऊर्जा, कल्पनाशक्ति और प्रतिभा की जरूरत है। इसलिए देश और अपने जीवन के लिए खुद को नशा मुक्त रखना बेहद जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है और धीरे-धीरे युवाओं को उनके सपनों से दूर ले जाता है।
नशे की चपेट में आने से एक सपना और पूरा परिवार हारता है
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युवा स्टार्टअप, एआई, खेल, अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बना रहे हैं। लेकिन अगर कोई युवा ड्रग्स की लत में फंस जाता है तो केवल एक युवा नहीं हारता, बल्कि एक सपना हार जाता है और एक परिवार टूट जाता है। उन्होंने कहा कि नशा एक मां की मुस्कान छीनता है, पिता के सपनों को चूर-चूर करता है, बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर करता है और छोटे भाई का आदर्श छीन लेता है।
ड्रग्स की तस्करी को बताया आतंकी साजिश का हिस्सा
पीएम मोदी ने कहा कि जब परिवार और समाज में नशे की समस्या बढ़ती है तो राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश भी षड्यंत्र के जरिए भारतीय युवाओं को नशे की लत में खींचने की कोशिश करते हैं। ड्रग्स की सप्लाई के जरिए कमाई करना और भारत जैसे देश को कमजोर करना आतंकी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। इसलिए हर युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना जरूरी है।
ड्रग्स थोड़े समय का ‘हाई’ देता है, करियर और परिवार को ‘लो’
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि नशा मुक्त रहकर उन्हें अपनी क्षमता को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए ‘हाई’ देता है, लेकिन करियर और पारिवारिक जीवन को ‘लो’ कर देता है। उन्होंने समाज से नशे को किसी भी तरह की स्वीकार्यता नहीं देने का आह्वान किया।
भारतीय संस्कृति ने हमेशा नशे से दूर रहने की दी सीख
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में हमेशा नशे को बुराई के रूप में देखा गया है। संतों और गुरुओं ने भी इससे बचने के लिए चेताया है। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक साथ छोड़ दें और व्यक्ति अपने-पराए की पहचान भूल जाए, ऐसा नशा इंसान को पतन की ओर ले जाता है।
नशे से बाहर निकलने के रास्ते भी मौजूद
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नशे से बचने की चेतावनी के साथ इससे बाहर निकलने के रास्ते भी बताए गए हैं। समाज का सहयोग, योग और ध्यान नशे के खिलाफ अंतर्मन को ताकत देते हैं। उन्होंने कहा कि आज नशा छोड़ने के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यदि कोई युवा गलती से नशे में फंस गया है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं।
परिवार बच्चों से खुलकर संवाद करे
पीएम नरेंद्र मोदी ने परिवारों से अपील की कि सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में बच्चे के नशे की समस्या को छिपाया नहीं जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों और मेडिकल हेल्प की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति बनानी चाहिए। व्यवहार में बदलाव, खोया-खोया रहना, मुंह छिपाना, कमरे में बंद रहना, देर रात घर आना या अनावश्यक पैसे मांगना जैसे संकेतों पर परिवार को सतर्क होना चाहिए।
शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ आंदोलन चलाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों से भी अपील की कि वे पढ़ाई के साथ छात्रों से ड्रग्स के खतरों पर बातचीत करें और अपने कैंपस में नशे के खिलाफ आंदोलन चलाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रयास बड़े परिणाम ला सकते हैं।
नशे को हराकर बाहर आने वाला युवा असली योद्धा
पीएम मोदी ने कहा कि जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं, वे कमजोर नहीं होते, बल्कि असली योद्धा होते हैं। समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, उन्हें अपनापन देना चाहिए और दूसरा अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स से जुड़ा किसी व्यक्ति का अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकता, बल्कि उसका साहस उसकी पहचान होना चाहिए।
सरकार ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही
प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान में सरकार मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि ड्रग्स के खिलाफ सरकार कितनी सख्ती से काम कर रही है।
आध्यात्मिक और सामाजिक संगठन एक-एक सप्ताह संभालें जिम्मेदारी
उन्होंने आध्यात्मिक, सामाजिक और युवा संगठनों से अपील की कि आने वाले 100 सप्ताह में हर संगठन एक सप्ताह की जिम्मेदारी ले सकता है। उस सप्ताह संगठन देशभर में नशा मुक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व करे और रविवार को बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर 100 सप्ताह तक अलग-अलग संगठन इस अभियान की जिम्मेदारी लें और सभी शक्तियां मिलकर काम करें तो देश में बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है।
माई भारत वॉलंटियर्स की प्रधानमंत्री ने की सराहना
प्रधानमंत्री ने माई भारत के वॉलंटियर्स की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन वॉलंटियर्स ने देश के सीमावर्ती गांवों में जाकर वहां एक-एक सप्ताह बिताया है और उन इलाकों को करीब से समझा है, जिन्हें पहले देश का आखिरी गांव कहा जाता था और अब पहला गांव कहा जाता है। उन्होंने कहा कि माई भारत के वॉलंटियर्स का यह समर्पण राष्ट्र के प्रति जागरूक और समर्पित भावना का प्रतीक है।
घर-घर पहुंचेगा नशा मुक्ति का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से नशा मुक्ति का आंदोलन घर-घर और हर युवा तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन ड्रग्स के कारोबारियों के लिए भी बड़ा खौफ बनेगा। प्रधानमंत्री ने संतों, आचार्यों, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों और एक करोड़ से अधिक युवाओं का अभियान से जुड़ने के लिए आभार व्यक्त किया और सभी से मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। (इनपुट: पीआईबी)