कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया है। एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को उनकी रिहाई का आदेश दिया, जब दोनों नेताओं ने वचन दिया कि वे जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में पुनः अधिसूचित किए जाने तक वहां प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं करेंगे। नेताओं ने लिखित वचन में शांति, कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति भंग न करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ उनकी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी थी। यह मामला राजधानी में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और प्रशासनिक पाबंदियों के बीच संतुलन की बहस को फिर सामने लाता है। नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी रही है। रिहाई के बाद नेताओं ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण रहने की अपील की है। मामला दर्शाता है कि लोकतंत्र में असहमति के स्वर और कानून व्यवस्था दोनों को साथ लेकर चलना प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बना रहता है।
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा हुए

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