भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों से कथित तौर पर राजनीतिक नारे लगवाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को शिकायत की जांच कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले में संज्ञान लिया। आयोग के 22 अक्टूबर के पत्र के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यात्रा में बच्चों का इस्तेमाल किया गया और उनसे राजनीतिक नारे लगवाए गए। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें फेसबुक पर साझा की गई थीं।
आयोग ने बच्चों को पैसे देकर यात्रा में शामिल कराने के आरोपों और बाल संरक्षण कानूनों के संभावित उल्लंघन की भी जांच करने को कहा है। अधिकारियों को यह भी जांचना होगा कि बच्चों को आर्थिक प्रलोभन देकर किसी गतिविधि में शामिल तो नहीं किया गया।
इसके साथ ही आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी बच्चों के कथित वीडियो और तस्वीरों के प्रसार से जुड़े पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।



