नई दिल्ली। पड़ोसी देश बांग्लादेश में खसरे के कहर से 1,147 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें 94 प्रतिशत पांच साल से कम उम्र के बच्चे हैं। इस खबर के बाद भारत में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य तंत्र सतर्क हो गया है।
वैश्विक आकलनों के अनुसार, भारत में खसरे के टीके की पहली खुराक का कवरेज 98 प्रतिशत और दूसरी खुराक का कवरेज 95 प्रतिशत के करीब है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सामुदायिक स्तर पर संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए कम से कम 95 प्रतिशत आबादी का प्रतिरक्षित होना जरूरी है।
हालांकि, जून 2026 में दिल्ली के कैलाश नगर में खसरे के प्रकोप का मामला दर्ज किया गया था, जो बताता है कि टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को लेकर सावधानी जरूरी है। खसरे के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, बहती नाक, लाल आंखें और त्वचा पर लाल दाने शामिल हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि अभिभावक बच्चों का टीकाकरण समय पर पूरा कराएं और बुखार-दाने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने के बजाय अस्पताल जाना ही सुरक्षित विकल्प है।



