नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो वर्ष 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका का डब्ल्यूटीआई क्रूड भी करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
तेल की कीमतों में इस उछाल से भारत जैसे आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है। महंगे कच्चे तेल से महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा।
दूसरी ओर अमेरिका में महंगाई की ताजा रिपोर्ट के बाद एआई और टेक शेयरों में भारी बिकवाली हुई है। डेटा सेंटर ऑपरेटर कोरवीव 16 प्रतिशत, नेबियस 11 प्रतिशत, ओरेकल 9 प्रतिशत और डेल टेक्नोलॉजीज 11 प्रतिशत टूटे। इससे बाजार मूल्य में करीब 80 अरब डॉलर की कमी आई है।



