बंगाल की खाड़ी में वातावरण में बड़ा बदलाव हो रहा है और एक बार फिर चक्रवात का खतरा बनता दिख रहा है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार खाड़ी में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन आज डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। 26 अक्टूबर के आसपास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के बनने की प्रबल संभावना है।
संभावित खतरे की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्य के 20 जिलों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार इस प्रणाली के प्रभाव से 27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा सहित आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अतिभारी बारिश हो सकती है। इस वादळ के उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।
इसका असर केवल ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड पर भी पड़ सकता है। बिहार में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर प्रशासन सतर्क है। वहीं महाराष्ट्र में स्थिति विपरीत है, जहां पालघर, ठाणे, मुंबई और रायगड में हीटवेव का अलर्ट है। तटीय क्षेत्रों में पूर्वतयारी और सतर्कता के उपाय शुरू कर दिए गए हैं।



