उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कम उम्र में लड़कियों के गर्भवती होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। वह लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी के सातवें दीक्षोत्सव को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि 13-14 साल की उम्र पढ़ाई और भविष्य निर्माण की है, इसलिए समाज को अपनी मानसिकता बदलकर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
राजभवन से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और संस्कार ग्रहण करने की उम्र में कई बार बच्चियां भ्रमित हो जाती हैं और उनका उत्पीड़न किया जाता है। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने बाल गृहों में रह रही छोटी बच्चियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनमें से कई के माता-पिता दोनों जेल में हैं और वे बाल गृहों में अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं।
राज्यपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों के पीड़ित बच्चों को राजभवन की ओर से गोद लेकर शिक्षा और संस्कार से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने गुजरात में मंत्री और मुख्यमंत्री रहते हुए लिंगानुपात सुधार की दिशा में किए गए कार्यों को भी याद किया और विद्यार्थियों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।



