भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच गैर-तेल व्यापार ने नई ऊंचाई छू ली है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच गैर-तेल व्यापार 76 अरब डॉलर से अधिक हो गया है और अब दोनों देश 2030 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के शेख थेयब बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान सामने आई।
यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और दोनों देशों के कारोबारियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
भारत और यूएई के बीच रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग भी रणनीतिक रूप ले रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत-यूएई संबंध व्यापक रणनीतिक भागीदारी के वादे पर खरे उतर रहे हैं। दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रसद, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार न केवल अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा। आने वाले वर्षों में इस साझेदारी के और गहरा होने की उम्मीद है।



