रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में गोवा के ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर ने तमिलनाडु के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके। उनकी इस घातक गेंदबाजी से तमिलनाडु की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और गोवा मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह अर्जुन के प्रथम श्रेणी करियर का पांचवां पंजा (फाइव विकेट हॉल) है, जो उनके लगातार सुधरते प्रदर्शन को दिखाता है।सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन पर हमेशा प्रदर्शन का अतिरिक्त दबाव रहता है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में वे धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में वे नई गेंद से स्विंग कराने में माहिर माने जाते हैं और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं, यही वजह है कि उन्हें टीम में ऑलराउंडर की भूमिका मिली है।इस मैच में पांच विकेट लेने के बाद अब सबकी नजर उनकी बल्लेबाजी पर भी रहेगी, क्योंकि गोवा को पहली पारी में बढ़त के लिए हर रन की जरूरत होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू सत्र में ऐसी निरंतरता ही अर्जुन को बड़े मंच के करीब ले जा सकती है। मैच के बाकी दिन गोवा के लिए अहम रहने वाले हैं।