दिल्ली सरकार का शीतकालीन एक्शन प्लान 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा, जिसका मुख्य ध्यान सड़क और निर्माण धूल पर रहेगा। योजना के तहत यंत्रीकृत सफाई को 250 वार्डों की 854 छोटी सड़कों यानी करीब 609 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। साथ ही आईआईटी दिल्ली के साथ पांच वर्षीय साझेदारी की गई है, जिसके तहत पीएम 2.5 और पीएम 10 के दैनिक स्रोतों का विश्लेषण किया जाएगा। सर्दियों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता हर साल गंभीर स्तर तक बिगड़ जाती है, जिससे यह योजना राजधानी के लिए बेहद अहम है। डेटा आधारित विश्लेषण से यह तय करना आसान होगा कि प्रदूषण किस स्रोत से कितना बढ़ रहा है और कार्रवाई कहां सबसे ज्यादा जरूरी है। प्रशासन का दावा है कि इस बार तैयारियां पहले से शुरू कर दी गई हैं ताकि ग्रैप के उच्च चरणों तक स्थिति न पहुंचे। नागरिक संगठनों ने योजना के क्रियान्वयन पर पारदर्शिता की मांग भी की है।
दिल्ली का शीतकालीन एक्शन प्लान एक नवंबर से लागू होगा

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