– हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, अपैरल, ब्यूटी एवं वेलनेस और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र के प्रतिभागियों को उद्यमिता व एमएसएमई पंजीकरण की जानकारी
शकील अहमद
लखनऊ। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित जन शिक्षण संस्थान, लखनऊ (साक्षरता निकेतन) द्वारा संस्थान परिसर में प्रतिभागियों एवं अनुदेशकों के लिए क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम के अंतर्गत आर्टिसन, उद्यमिता एवं एमएसएमई जागरूकता एवं पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, केंद्रीय भवन, लखनऊ के उपनिदेशक रज़ा आलम ने प्रतिभागियों एवं अनुदेशकों को विभिन्न विभागीय योजनाओं, आर्टिसन पंजीकरण, उद्यमिता, स्वरोजगार एवं एमएसएमई पंजीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
उन्होंने पात्र प्रतिभागियों को आर्टिसन कार्ड के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया तथा आर्टिसन कार्ड के माध्यम से मिलने वाले विभिन्न लाभों एवं सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में हस्तशिल्प, टेक्सटाइल एवं हैंडलूम, अपैरल, ब्यूटी एवं वेलनेस तथा फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न सेक्टरों से जुड़े प्रतिभागियों को विभागीय योजनाओं एवं उद्यमिता से संबंधित आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के प्रतिनिधि नवीन ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी।
आर्टिसन, उद्यमिता एवं एमएसएमई पंजीकरण शिविर में लगभग 75 लाभार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं एवं पंजीकरण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। संस्थान के निदेशक सौरभ कुमार खरे ने उपस्थित प्रतिभागियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से स्वयं का व्यवसाय शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में इमरान खान ने प्रतिभागियों को एमएसएमई पंजीकरण की प्रक्रिया एवं उसके लाभों के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान के लाभार्थियों द्वारा जूट से निर्मित विभिन्न उत्पादों, जैसे जूट के बैग, फोल्डर एवं अन्य उपयोगी सामग्रियों का प्रदर्शन एवं बिक्री भी की गई। इससे लाभार्थियों को अपने हुनर का प्रदर्शन करने के साथ ही उनके द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के अनुदेशकों एवं लाभार्थियों ने अपने द्वारा निर्मित उत्पादों को हस्तशिल्प विभाग के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने उत्पादों के विपणन एवं व्यावसायिक विकास के संबंध में आवश्यक सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के कार्यक्रम कार्मिकों तपन साहू, शुभम मिश्रा, आदित्य मिश्रा एवं राघवेन्द्र गुप्ता का योगदान सराहनीय रहा।