रायबरेली: सर्पदंश के दो मरीजों को CHC से किया रेफर, डॉक्टर बोले- इलाज की व्यवस्था नहीं

खीरों, रायबरेली। सर्पदंश का शिकार हुई थाना क्षेत्र के पूरे जुड़ावन मजरे मेडौली गांव की रहने वाली एक युवती व उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमानी खेड़ा मजरे गुलरिहा के रहने वाले एक किशोर को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी लाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने सर्पदंश के दोनों पीड़ितों को यह कहते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया कि यहां पर इसके इलाज प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है।

मनीषा पुत्री रामकरन 19 वर्ष निवासी पूरे जुड़ावन मजरे मेडौली के परिजनों ने बताया कि युवती दरवाजे पर लगाए गए उपले के ढेर से रात्रि में खाना बनाने के लिए उपला निकालने गई थी।

तभी अचानक उसे किसी जहरीले सर्प ने डस लिया। परिजन उसे प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी ले गए। अंजनी पुत्र शिवरतन 13 वर्ष निवासी धमानी खेड़ा मजरे गुलरिहा, थाना क्षेत्र मौरावां, जनपद उन्नाव के परिजनों ने बताया कि किशोर शाम को स्नान के लिए कमरे में रखा साबुन लेने गया था।

अचानक किसी सर्प ने उसे डस लिया। परिजनों ने उसे इलाज के लिए नजदीकी सीएचसी खीरों पहुंचाया। सर्प दंश का शिकार हुई युवती मनीषा व किशोर अंजनी को सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर सुनील यादव ने बताया की सीएचसी में सर्प दंश के उपचार से संबंधित प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। इसीलिए दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

सीएचसी में होता है, सिर्फ प्राथमिक उपचार

सर्प दंश का शिकार हुए दोनों पीड़ितों का सीएचसी में प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टर ने बताया कि यहां आगे के इलाज की व्यवस्था नहीं है। लगभग 33 किमी. दूर स्थित जिला अस्पताल पहुंचने में इलाज में देरी होने पर जान का खतरा बन सकता है।