– एसकेडी डिग्री कॉलेज में शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों के साथ संवाद, शत-प्रतिशत मतदान और शिक्षा, रोजगार व जनकल्याण को चुनाव का आधार बनाने की अपील
शकील अहमद
लखनऊ। स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के मद्देनजर सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एसकेडी डिग्री कॉलेज में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों के साथ संवाद किया।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता जागरूकता और लोकतांत्रिक सहभागिता पर चर्चा हुई। डॉ. सिंह ने कहा कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा जगत, शिक्षकों और उच्च शिक्षित वर्ग की लोकतांत्रिक सोच को सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है।
डॉ. सिंह ने स्नातक एवं शिक्षक मतदाताओं से तीन प्रमुख आह्वान किए। उन्होंने कहा कि मतदाता चुनाव के महत्व को समझें, क्योंकि मतदान से यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक और उच्च शिक्षित वर्ग प्रदेश के भविष्य के लिए किस प्रकार की सोच और नेतृत्व का समर्थन करता है।
उन्होंने शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं से शत-प्रतिशत मतदान करने तथा समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की। उनके अनुसार, शिक्षक और स्नातक समाज के बौद्धिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उन्हें स्वयं मतदान करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि राजनीति का आधार जाति और धर्म के बजाय शिक्षा, रोजगार, विकास तथा जनकल्याण होना चाहिए। युवाओं का बहुमूल्य समय जातिगत विभाजन और अन्य भटकावों में खर्च होने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य के निर्माण में लगना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधान परिषद प्रदेश की विधायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण सदन है। इसमें विकासोन्मुखी सोच का बहुमत रहना आवश्यक है, ताकि प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और जनहित की नीतियों को निरंतर गति मिलती रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश 11.3 प्रतिशत की विकास दर के साथ देश का सबसे तेजी से बढ़ता राज्य है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, मेट्रो, हवाई अड्डों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों का विस्तार प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
शारदीय नवरात्र का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार अन्याय और बुराई के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। समाज और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूक नागरिकों तथा जिम्मेदार शिक्षण संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
बैठक में एसकेडी ग्रुप के निदेशक एवं अध्यक्ष मनीष सिंह, सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अनिल अग्रवाल, मॉडर्न एकेडमी के राजीव तुली, विवेकानंद महिला महाविद्यालय की डॉ. कविता सिंह, पायनियर स्कूल की शर्मिला सिंह, सर्वांगीण विकास इंटर कॉलेज के सेवकराम कनौजिया, जयपुरिया स्कूल के अनुज अवस्थी, जी.डी. गोयनका स्कूल के अविनाश, अवध कॉलिजिएट के जितेंद्र वालिया, महाराजा बिजली पासी की डॉ. दीप्ति सोनकर, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज की डॉ. रश्मि सिंह, मां भगवती इंटर कॉलेज के शशांक सिंह, एसबीएन इंटर कॉलेज के अमोद सिंह और न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज के गोपाल मिश्रा उपस्थित रहे।
शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक चेतना से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इससे पहले डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के फूलचंद्र नगर, सैनी मार्केट और रॉयल सिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। बिजनौर स्थित श्री श्री सिद्ध पीठ नव दुर्गा माता मंदिर में आयोजित प्रथम विशाल मां भगवती जागरण में शामिल होकर उन्होंने मां नव दुर्गा के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जाति-धर्म के आधार पर बांटना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कक्षा 12वीं से लेकर स्नातक और परास्नातक तक के महत्वपूर्ण समय का सदुपयोग शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में करने का आह्वान किया।




