*डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी एवं एनपीके का उपयोग करें, खाद की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय*
इस सप्ताह जिले में डीएपी की एक रैक आने की संभावना, कृषकों से उपलब्ध उर्वरकों के विकल्प अपनाने की अपील
ई-विकास पोर्टल पर सुबह 10 बजे अपलोड होती है उर्वरक की उपलब्ध मात्रा, व्हाट्सऐप से भी कर सकते हैं बुकिंग
कृषकों की समस्याओं के निराकरण के लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित
टीकमगढ़, 17 अक्टूबर 2026*कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषक संगठनों एवं कृषकों की उपस्थिति में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रबी वर्ष 2026-27 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था, ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद की बुकिंग, गुणवत्तायुक्त बीज, फॉर्मर आईडी, भूमि अभिलेखों में संशोधन, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई सहित कृषकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने संबंधित अधिकारियों को कृषकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बताया कि इस सप्ताह जिले में डीएपी की एक रैक आने की संभावना है। उन्होंने कृषकों से अपील की कि डीएपी की उपलब्धता की प्रतीक्षा में उर्वरक उपयोग में देरी न करें, बल्कि फसल की आवश्यकता एवं कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार टीएसपी अथवा एनपीके जैसे उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित एवं उचित मात्रा में उपयोग कर फसलों की पोषक तत्वों की आवश्यकता पूरी की जा सकती है।
*डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी एवं एनपीके का करें उपयोग*
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कृषकों को डीएपी के विकल्पों की जानकारी देते हुए बताया कि टीएसपी (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट) में डीएपी के समान 48 प्रतिशत फॉस्फोरस होता है। हालांकि, टीएसपी में नाइट्रोजन नहीं होता, जबकि डीएपी में नाइट्रोजन भी उपलब्ध रहता है। ऐसे में फसल की आवश्यकता के अनुसार कृषि विशेषज्ञ की सलाह से टीएसपी के साथ उचित मात्रा में यूरिया का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने एनपीके उर्वरक को भी उपयुक्त विकल्प बताते हुए कृषकों से उपलब्धता के अनुसार इसका उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कृषक केवल डीएपी के इंतजार में न रहें। उपलब्ध उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग करें, जिससे रबी फसलों की बुवाई एवं प्रारंभिक विकास के दौरान पोषक तत्वों की आवश्यकता समय पर पूरी हो सके। संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव तक पहुंचकर कृषकों को उर्वरकों के विकल्पों, उनकी उपयोगिता एवं उचित मात्रा के संबंध में जागरूक करें।
*सुबह 10 बजे करें उर्वरक की बुकिंग, व्हाट्सऐप सुविधा का भी लें लाभ*
बैठक में ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कृषकों को बताया कि ई-विकास पोर्टल पर उर्वरकों की उपलब्ध मात्रा प्रतिदिन सुबह 10 बजे अपलोड की जाती है। अतः कृषक उर्वरक की बुकिंग के लिए सुबह 10 बजे के बाद प्रयास करें। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से व्हाट्सऐप पर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ लेकर कृषक घर बैठे बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर एवं मोबाइल के माध्यम से बुकिंग करने में दक्ष युवा अन्य कृषकों, विशेषकर छोटे किसानों की सहायता कर सकते हैं। इससे बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कृषकों को तकनीकी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि फॉर्मर आईडी, भूमि अभिलेख अथवा खसरा संबंधी विवरण में त्रुटि होने पर कृषकों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समस्या का निराकरण करें। फॉर्मर रजिस्ट्री अथवा भूमि अभिलेखों के परिमार्जन से संबंधित समस्या होने पर भी नियमानुसार उर्वरक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में कृषकों को सही जानकारी दी जाए। उन्होंने कृषकों से यूरिया की आवश्यकता के अनुसार समय रहते बुकिंग करने की अपील भी की।
*खाद की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई*
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों की निर्धारित दरों पर बिक्री सुनिश्चित की जाए। खाद की कालाबाजारी, अवैध बिक्री अथवा अनियमितता में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी करने तथा उपलब्ध स्टॉक की पारदर्शी जानकारी कृषकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषकों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं।
*कृषक संगठनों ने रखीं समस्याएं, समयबद्ध निराकरण के निर्देश*
बैठक के प्रारंभ में उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री मनोज कश्यप ने जिले में उर्वरकों की उपलब्धता एवं ई-विकास प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। जिला विपणन अधिकारी श्री अनिल नरवड़े ने मार्कफेड तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधक श्री अनुपम पाण्डेय ने सहकारी बैंक एवं समितियों की व्यवस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में भारतीय किसान संघ, जिला टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष श्री शिवमोहन गिरि सहित उपस्थित कृषकों ने फॉर्मर आईडी, भूमि अभिलेखों के अद्यतन, उर्वरक उपलब्धता, गुणवत्तायुक्त बीज, सहकारी समितियों की व्यवस्थाओं, सिंचाई एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याएं रखीं। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से इन विषयों पर जानकारी प्राप्त कर समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने रबी फसलों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज एवं अन्य कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं बेहतर कृषि पद्धतियों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि, सहकारिता, विपणन, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, जल संसाधन एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए कृषकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के लिए कहा।
बैठक में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष श्री शिवमोहन गिरि, उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप, जिला विपणन अधिकारी श्री अनिल नरवड़े, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधक श्री अनुपम पाण्डेय, टीकमगढ़, बल्देवगढ़ एवं जतारा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, कृषि एवं आत्मा के मैदानी अधिकारी, प्रगतिशील कृषक, मीडिया प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। फसल बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधि श्री शिवाजी राजा परमार एवं पतंजलि संस्थान के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।




