एसडीओ कुठौन्द और जेई कर रहे ग्रामीणों के साथ बदले की भावना से कार्यवाही
वही डोरी जोडते है वही पकडने आ जाते है ग्रामीणों को करते है ब्लैकमेल
ग्रामीणों की समस्याओं का निजी स्वर्थ मे अधिकारी नही करते है समाधान बदले की भावना से करते है काम
जिस गांव ने अपनी पृतक जमीन रहने को दी उसी का किया जा रहा है |उत्पीड़न
ग्रामीणों को न्याय दिया जाऐ | संविधानिक व्यवस्था को बचाया जाऐ
ईटो विघुत विभाग के द्वारा ग्रामीणों का उत्पीड़न जारी है | विभाग के अधिकारी एसडीओ कुठौन्द निखिल जिन्दल जेई विनीत सिसोदिया और विजीलेन्स की संयुक्त टीम रूटीन चैकिंग की आड़ मे ग्रामीणों से अबैध बसूली कर रही है | और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली चोरी के फर्जी मुकदमो मे फसा रही है | ग्रामीणों के ऊपर संयुक्त टीम के द्वारा फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे है | ब्लाक कुठौन्द की न्याय पंचायत ईटो क्षेत्र के ग्राम सिगटौली मे 9 अक्टूबर दिन शुक्रवार को तड़के सुबह करीब 4 से 6 बजे के आसपास संयुक्त टीम ने घरो मे अन्दर घुसकर महिलाओ और बच्चों बीच चैकिग अभियान चालाया|ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली चैकिंग के नाम पर संयुक्त टीम उपभोक्ताओं के घरों मे दाखिल हुई | और अधिकारियो की सोची समझी साजिश के तहत उपभोक्ताओं को फसाने का प्रयास किया गया है | सभी ग्रामीणों के यहाँ घरेलू कनेक्शन है | सभी ग्रामीण उपभोक्ता मीटर धारी है | विघुत विभाग के द्वारा सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं से बिल लिया जा रहा है |कोई भी गांव वाला कटिया नही डाले है | गांव मे प्लास्टिक लाईन बिछी हुई है | विघुत विभाग के द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं के मीटर नही लगाऐ गये है | खराब मीटरो को ठीक नही किया जाता है | विघुत कर्मचारियों के द्वारा उपभोक्ताओं की सीधी लाईन जोड दी गई है | उन्ही कर्मचारियों के साथ आकर एसडीओ जेई संयुक्त टीम ग्रामीणों को पकडती है | और कहते है कि आप चोरी से लाईट चला रहे है | आपके ऊपर मुकदमा लिखा जायेगा | वही जोडते है|वही काटते है |वही आकर पकडते है | प्रताड़ित करते है | उत्पीड़न करते है |ग्रामीणों से अबैध बसूली करते है | बदले की भावना से काम करते है | ब्लैकमेलिंग नही है तो क्या है | ग्रामीणों को न्याय दिया जाए| ब्लैकमेल करने वाले अधिकारियो के प्रकोप से बचाया जाऐ | एसडीओ जेई और संयुक्त टीम के मनमाने तरीके से काम करने पर रोक लगाई जाऐ| संविधानिक व्यवस्था को बचाया जाए |
इनसेट मे
जबकि पूर्व प्रधान सिगटौली गौरी शंकर शाक्यवार ने विभाग को अपनी पैतृक जमीन निशुल्क पावर हाउस बनवाने के लिए दान मे दी है| विभाग ने वादा किया था वो भी पूरा नही किया है | जिसने रहने को जगह दी है | उसी गांव को और वही के लोगों को विघुत विभाग के अधिकारी फर्जी मुकदमा मे फसा रहे है | फर्जी झूठी कार्यवाही कर रहे है | द्वेष भावनाबस बदले की भावना से ग्रामीणों के ऊपर झूठे मुकदमे लिखे जा रहे है |
इनसेट मे
सुत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार पावर ईटो मे 10 कर्मचारी तैनात है | लेकिन पावर हाउस पर सिर्फ 7 कर्मचारियों से काम करवाया जाता है | 3 कर्मचारी एसडीओ और जेई की महवानी पर नौकरी कर रहे है |बिना पावर हाउस पर आऐ उपस्थिति हर रोज राजिस्टर मे दर्ज करवाई जाती है | कम्प्यूटर आपरेटर समेत इन्ही 4 लोगों से लेनदेन अबैध बसूली का काम करवाया जाता है | और उपभोक्ताओं की बिजली सम्बंधित समस्याओ का समाधान किया जाता है |
इनसेट मे
ग्रामीण उपभोक्ताओं की जिलाधिकारी से मांग है हमें न्याय दिलाया जाऐ|कहना है कि हमारे साथ न्याय किया जाऐ| हमें बिजली चोरी के फर्जी मुकदमो मे बचाया जाऐ| बदले की भावना से काम कर रहे | एसडीओ जेई और संयुक्त टीम की निष्पक्ष जांच करवाई जाऐ| अगर हम ग्रामीणों को न्याय नही मिलता है तो हम सभी ग्रामीण व क्षेत्रवासी संविधानिक तरीके से आन्दोलन करेगें | न्याय पाने के लिए अनशन करेगें |आगे न्याय और अपने अधिकारों की लडाई जारी रखेगे |
जिला संवाददाता रोहित कुमार
गोपाल द्विवेदी कि रिपोर्ट

