यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ साझा किया सांस्कृतिक विरासत का अनुभव
ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उज्बेकिस्तान के समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय भावना के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह अवसर भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित करता है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने किया गर्मजोशी से स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर शनिवार को ताशकंद पहुंचे। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विशेष स्वागत के लिए प्रधानमंत्री ने उज्बेक राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने कहा कि उज्बेकिस्तान की यह उनकी चौथी यात्रा है। उनकी लगातार यात्राएं दोनों देशों के बीच संबंधों की बढ़ती गहराई और सहयोग की गति को दर्शाती हैं।
संस्कृति और इतिहास के प्रति सम्मान
यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उज्बेकिस्तान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया।
पार्क में पुष्पांजलि अर्पित कर प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान के इतिहास और राष्ट्रीय भावना के प्रति भारत की ओर से सम्मान का संदेश दिया। दोनों नेताओं की यह साझा मौजूदगी भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के सांस्कृतिक और मानवीय पक्ष को भी सामने लाती है।
रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी करेंगे। माना जा रहा है कि वार्ता में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
दोनों देश बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच आपसी सहयोग को नए क्षेत्रों तक विस्तार देने पर भी जोर दे रहे हैं।
‘विकसित भारत 2047’ और ‘यंगी उज्बेकिस्तान’ का साझा विजन
यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने दोनों देशों के सहयोग को और गहरा करने तथा ‘विकसित भारत 2047’ और ‘यंगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा की बात कही थी।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत किया जाना महत्वपूर्ण है।
दोस्ती से रणनीतिक साझेदारी तक
भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्कों की लंबी परंपरा पर आधारित रहे हैं। बीते वर्षों में दोनों देशों ने इन रिश्तों को आधुनिक रणनीतिक साझेदारी का रूप देने की दिशा में लगातार काम किया है।
ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत, यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि और दोनों नेताओं की साझा मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध केवल कूटनीतिक संवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, आपसी सम्मान और साझा विकास की आकांक्षाओं से भी जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री की मौजूदा यात्रा को इसी बढ़ती साझेदारी को नई दिशा और नई गति देने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।