अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुकाबले शांति समझौता ज्यादा चाहते हैं। ट्रंप के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।ट्रंप लंबे समय से इस युद्ध को जल्द खत्म कराने का दावा करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर बनी सहमति यानी एनर्जी सीजफायर नाकाम रहा है। वहीं दूसरी ओर खबर है कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों की तैयारी में है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के बयान को केवल कूटनीतिक दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जाना चाहिए। जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देश अब भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं और शांति वार्ता की राह में कई अड़चनें हैं।भारत समेत कई देश पहले से ही इस युद्ध के शांतिपूर्ण हल की अपील करते रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में वार्ता की कोई ठोस पहल सामने आती है या बयानबाजी ही जारी रहती है।