झारखंड में सरकारी जांच अभियान के दौरान डायबिटीज के मरीजों की पहचान दोगुने से अधिक बढ़ गई है और अब तक 1.45 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की डायबिटीज और उच्च रक्तचाप की जांच पर विशेष जोर दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच का दायरा बढ़ने से अधिक मरीजों की समय पर पहचान हो रही है और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को नियमित रूप से मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नियमित दवा और इलाज से ब्लड शुगर नियंत्रित रखने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज की समय पर पहचान और नियमित इलाज से बीमारी को नियंत्रित रखना संभव है। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना हर मरीज के लिए जरूरी है। पहचान बढ़ना एक ओर स्वास्थ्य तंत्र की पहुंच दिखाता है, वहीं बदलती जीवनशैली से बढ़ती बीमारी की चेतावनी भी है। विभाग ने लोगों से नियमित जांच कराने की अपील की है।
झारखंड जांच में 1.45 लाख डायबिटीज मरीज मिले

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