दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के पहले चरण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय समन्वय बैठक की। इस बैठक में पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर चर्चा की। ग्रैप का पहला चरण 21 अक्टूबर से ही दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू है।
बैठक में धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन, वाहनों की जांच और नागरिकों को सलाह देने के उपायों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण की समस्या किसी एक राज्य की नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की है, इसलिए सबको मिलकर काम करना होगा। पराली जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन पर भी नजर रखने की बात कही गई।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सितंबर में ग्रैप के नियमों में बदलाव करते हुए डीजल जनरेटर और बसों से जुड़े नियंत्रणों को पहले चरण में ही शामिल कर दिया था। इसके बाद से शिक्षण संस्थानों, छात्रावासों और निर्माण स्थलों पर जांच तेज कर दी गई है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की गति कम होने से प्रदूषण बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, मास्क का प्रयोग करें और बुजुर्गों तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यातायात पुलिस ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



