दिल्ली पुलिस ने 2.10 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से जुड़ी रकम को आगे भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए एक म्यूल बैंक खाते का संचालन करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के बाद यह कार्रवाई इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस इकाई ने की।
पुलिस के अनुसार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार में पंजीकृत एक बैंक खाते में 12 अक्टूबर को 98 हजार 592 रुपये जमा होने का पता चला। यह रकम जनकपुरी के एक निवासी के साथ हुई डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से जुड़ी थी। एक आरोपी को अशोक नगर स्थित दुकान से पकड़ा गया, जहां से तीन मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और चेकबुक बरामद की गईं। पूछताछ में दूसरे आरोपी का नाम सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने कुल मिलाकर छह डेबिट कार्ड और दस चेकबुक बरामद की हैं। डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में साइबर अपराधी सीबीआई या नारकोटिक्स ब्यूरो जैसी एजेंसियों के नकली अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगती है, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।



